Kanhaiya Kumar After Big Relief from High Court

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Story: Mere jeevan me meri maa by Shreeprakash Shukla

इस संस्मरण को हमने जनज्वार डॉट कॉम के कॉलम “मेरे जीवन में मेरी मां” से साभार लिया है। इस कालम में लोग अपनी माँ से जुडी तमाम यादों की गहराई में जाकर उन्हें बारीकी से लिखते हैं| कालम की पहली कड़ी में अपनी मां को याद कर रहे हैं श्री प्रकाश शुक्ला| सहकार रेडियो के लिए इसे पवन सत्यार्थी ने अपनी आवाज़ में रिकॉर्ड किया है|

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